राज्य शिक्षक पुरस्कार से नवाजे जाएंगे शिक्षक अजय सिंह

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राही ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय राजापुर में तैनात हैं शिक्षक अजय सिंह

कोरोनाकाल में शिक्षक अजय सिंह ने सीतापुर और रायबरेली में किया था बेहतर कार्य

रायबरेली-छात्रों को अलग विधा में पढ़ाने से लेकर विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने तक में महारत रखने वाले राही ब्लॉक के शिक्षक अजय सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य शिक्षक पुरस्कार दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से वर्ष 2021 के लिए जारी की गई सूची में राही ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय राजापुर में तैनात अजय सिंह फरवरी 2021 अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में रायबरेली आए थे। यहां पर रहते हुए पिछले सालों में बच्चों के पीछे इतना काम किया कि वह जल्द ही वह ग्रामीणवासियों के दिलों पर छा गए। यही नहीं, विभाग ने भी उनकी जल्द ही योग्यता पहचान ली है और उन्हें अब इस पद के लिए चयनित किया गया है।

विद्यालय में 98 प्रतिशत रहती है उपस्थित

प्राथमिक विद्यालय राजापुर में चयनित होने वाले शिक्षक अजय कुमार सिंह ने विद्यालय में बहुत ही बेहतर काम किया है। उनकी पढ़ाई का ऐसा जादू रहा है कि उनके विद्यालय में कभी भी 95 प्रतिशत से कम उपस्थिति बच्चों की नहीं है। विद्यालय में पढ़ाई का इस तरह का माहौल कि बच्चों को घर-घर जाकर बुलाना नहीं पड़ता है। बच्चे स्वयं ही विद्यालय में पढ़ने के लिए चले आते हैं।

स्कूल के विकास में ग्रामीणों ने दिया चंदा

प्राथमिक विद्यालय राजापुर में जब से अजय कुमार सिंह गए, तब से उन्होंने वहां पर शिक्षण कार्य इतना बेहतर किया कि वह जल्द ही ग्रामीणों के दिलों पर छा गए। विद्यालय की तरफ से बच्चों को पढ़ाई का ऐसा माहौल दिया जा रहा है कि अब ग्रामीण भी विद्यालय के विकास में कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। विद्यालय में विकास के लिए अगर शिक्षक अजय सिंह और अन्य स्टॉफ की तरफ से कोई भी कदम उठाया जाता है तो फिर ग्रामीण भी उनको चंदा देते हैं। इस तरह से धीरे-धीरे विद्यालय बढ़ता गया और आज राही ब्लॉक का आदर्श विद्यालय राजापुर बन गया है।

बीईओ का रहा बड़ा मार्गदर्शन

प्राथमिक विद्यालय राजापुर में तैनात शिक्षक अजय सिंह के चयन में बड़ी अहम भूमिका बीइ्रओ बृजलाल की रही है। शिक्षक अजय सिंह बताते हैं कि विद्यालय में पढ़ाना हमारा उद्देश्य रहा है, लेकिन शिक्षण कार्य को बेहतर मानते हुए मुझे राज्य पुरस्कार के लिए बीईओ राही बृजलाल ने प्रेरित किया। उनके ही मार्गदर्शन में मैंने अपनी पूरी तैयारी शुरू की और राज्य पुरस्कार तक पहुंचा हूं। अजय सिंह कहते हैं कि बीईओ राही ने मेरी प्रतिभा को पहचानते हुए मुझे प्रेरित किया।

कोरोनाकाल में किया था बेहतर कार्य

कोरोना महामारी के दौरान जब कोई भी शिक्षक विद्यालयों में नहीं जा रहा था, उस दौरान अजय सिंह बच्चों में पढाई जारी रखने के लिए कुछ अलग प्रयास कर रहे थे। कोविड-19 महामारी के दौरान स्वनिर्मित अभ्यास पुस्तिका विद्यालय में नामांकित प्रत्येक छात्र के घर पहुँचाई एवं स्वैच्छिक स्वयंसेवी गांव के पढ़े लिखे युवाओं को ग्राम शिक्षा सैनिक की उपाधि देकर एक टीम गठित कर विपरीत स्थिति में भी शिक्षा से जोड़े रखने में सफलता प्राप्त की।

सीतापुर से ट्रांसफर के समय बहुत रोए थे ग्रामीण

बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले अजय सिंह मूलरूप से रायबरेली के सरायदामू मजरे भांव गांव के रहने वाले हैं। उनकी पहली नियुक्ति जनपद सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय गजोधरपुर ब्लॉक-सिधौली में हुई। वर्ष 2021 के फरवरी माह में जब इनका स्थानान्तरण जनपद-रायबरेली में हुआ तो गाँव व क्षेत्र के लोगों ने लगभग 1000 की संख्या में इनकी विदाई सम्मानपूर्वक दी और वह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।

अजय सिंह ने यह कुछ किया अलग


1- छात्रों के शिक्षण से सम्बंधित 10 से अधिक हस्तपुस्तिकाओं का निर्माण।
2- प्रयोग, प्रदर्शन एवं रोल प्ले के माध्यम से रोचक शिक्षण।
3- पूर्व तैनाती विद्यालय में 67 कार्यदिवस में 100ः छात्र उपस्थिति का अद्भुत रिकॉर्ड।
4- सक्रिय बाल संसद का गठन
5 – 1 लाख 8 हजार के सामुदायिक सहयोग से सभी बच्चों को बैठने हेतु 40 सेट डेस्क बेंच।
6- जीवंत पुस्तकालय
7- माह के अंत में ओएमआर शीट पर टेस्ट।
8- श्समझ हिंदी व्याकरणश् नामक पुस्तक की रचना। अभिनय आधारित पहली पुस्तक।
9- मैग्नेटिक बोर्ड से रोचक शिक्षण
10- गाँव में चौपाल का आयोजन
11- कॉन्सेप्ट मैपिंग शिक्षण
12- गुल्लक/संचायिका के उपयोग से बुनियादी गणित जोड़ व घटाने की समझ।

अनुज मौर्य रिपोर्ट

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